सब्सक्रिप्शन के लिए खुला प्रणव कंस्ट्रक्शंस का आईपीओ, पहले घंटे में ही हुआ फुली सब्सक्राइब

07 Sep 2026 14:07:53
प्रतीकात्मक


नई दिल्ली, 07 सितंबर (हि.स.)। रियल स्टेट सेक्टर की कंपनी प्रणव कंस्ट्रक्शंस का 351.03 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में नौ सितंबर तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 10 सितंबर को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 11 सितंबर को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 15 सितंबर को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं। लॉन्चिंग के बाद पहले घंटे में ही ये आईपीओ फुली सब्सक्राइब हो गया। दोपहर दो बजे तक यह आईपीओ 3.61 गुना सब्सक्राइब हो चुका था।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 118 रुपये से लेकर 124 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 120 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स कम से कम एक लॉट यानी 120 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 14,880 रुपये का निवेश करना होगा। इसी तरह रिटेल इनवेस्टर 1,93,440 रुपये के निवेश से अधिकतम 13 लॉट में 1,560 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 2,83,08,481 शेयर जारी किए जा रहे हैं। इनमें लगभग 316 करोड़ रुपये के 2,54,51,612 नए शेयर जारी किए जा रहे हैं। इसके अलावा लगभग 35 करोड़ रुपये के 28,56,869 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे जा रहे हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 40 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 45 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 15 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए सेंट्रम कैपिटल लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।

प्रणव कंस्ट्रक्शंस की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत बनी रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 39.62 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 62.25 करोड़ रुपये और 2025-26 में उछल कर 71.32 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 449.75 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 638.24 करोड़ रुपये और 2025-26 में उछल कर 763.93 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 99.34 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 196.50 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसके अगले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस वित्त वर्ष के दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ उछल कर 258.44 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें, तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर भी बढ़त हासिल करने में सफल रही है। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 84.70 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 88.41 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसी तरह पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस उछल कर 159.52 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी लगातार बढ़ोतरी होती रही। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का नेटवर्थ 88.37 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में दोगुना से भी ज्यादा बढ़ कर 175.59 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसी तरह पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेटवर्थ 246.70 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

कंपनी के ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) में भी इस दौरान बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 59.73 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 98.54 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसी तरह पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 130.83 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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