(अपडेट) सत्य निकेतन हादसा : मालिक दंपति और बेटा गिरफ्तार, बचाव अभियान खत्म, सात की मौत

07 Sep 2026 20:58:53
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता हादसे स्थल पर बचाव कार्य की निगरानी करते हुए


नई दिल्ली, 07 सितंबर (हि.स.)। दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत ढहने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मकान मालिक के परिवार के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने संपत्ति की मालकिन उर्मिला गुप्ता (75), उनके पति हरिराम गुप्ता (81) और बेटे महेश गुप्ता (52) को गिरफ्तार किया है। हादसे के बाद चलाए गए लंबे बचाव अभियान में मलबे के नीचे दबे कुल 12 लोगों को बाहर निकाला गया और अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें से सात लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच घायल अस्पताल में भर्ती हैं। घायलों में तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है।

हादसे के बाद विभिन्न एजेंसियों ने लगातार मलबा हटाने और दबे लोगों को तलाशने का अभियान चलाया। बचाव अभियान पूरा होने के बाद पुलिस ने साफ किया कि मलबे से कुल 12 लोगों को निकाला गया था। अस्पताल में सात लोगों ने दम तोड़ दिया। शव उनके परिजनों को सौंप दिए गए हैं।

हादसे में जान गंवाने वालों में ज्यादातर युवा छात्र थे। मृतकों की पहचान अभिषेक (20), युवराज सोनी (20), पवन (17), अर्पित जहाज (19), अक्षत सिंह यादव (18) और 75 वर्षीय सुरिंदर सिंह के रूप में हुई है। एक मृतक की पहचान अभी नहीं हो सकी है।

अभिषेक उत्तर प्रदेश के सोनभद्र का रहने वाला था, जबकि युवराज सोनी छत्तीसगढ़ के दुर्ग का निवासी था। 17 वर्षीय पवन उत्तर प्रदेश के औरैया का रहने वाला था। अर्पित जहाज मध्य प्रदेश के देवास और अक्षत सिंह यादव मध्य प्रदेश के कटनी का रहने वाला था। सभी पांचों युवा छात्र थे। वहीं, 75 वर्षीय सुरिंदर सिंह मजदूरी करते थे। सातवें मृतक की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।

हादसे में घायल पांच लोगों का इलाज चल रहा है। इनकी पहचान असगर अली (30), नीरज बावा (19), आदित्य कुमार (19), नितिश चिब (19) और मोहम्मद अयान (18) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक पांच घायलों में तीन की हालत गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज किया जा रहा है।

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि जिस संपत्ति में हादसा हुआ, वह उर्मिला गुप्ता के नाम पर है। हालांकि, संपत्ति का प्रबंधन और संचालन उनके पति हरिराम गुप्ता और बेटे महेश गुप्ता द्वारा किया जा रहा था। पुलिस के अनुसार हरिराम के नाम इमारत की दो मंजिलों के बिजली कनेक्शन भी हैं। हरिराम गुप्ता भारतीय वायुसेना से रिटायर्ड सार्जेंट हैं। वहीं उनका बेटा महेश हार्डवेयर और पेंट की दुकान चलाता है। महेश के दो बच्चे हैं। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इमारत का इस्तेमाल किस तरह किया जा रहा था और इसमें रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर क्या इंतजाम किए गए थे।

हादसे के बाद पुलिस ने मकान मालिक हरिराम गुप्ता को राजस्थान के भिवाड़ी से पकड़ा था। इसके बाद जांच आगे बढ़ने पर उनकी पत्नी उर्मिला गुप्ता और बेटे महेश गुप्ता की भूमिका भी सामने आई। पुलिस ने तीनों को मामले में गिरफ्तार कर लिया है। अब उनसे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इमारत के निर्माण, रखरखाव और उसमें चल रहे पीजी से संबंधित फैसले कौन ले रहा था।

पुलिस की जांच अब सिर्फ मकान मालिक परिवार तक सीमित नहीं है। हादसे के दौरान इमारत में पीजी का संचालन करने वाले लोगों और मजदूरों के ठेकेदार की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। यह पता लगाया जाएगा कि हादसे से पहले इमारत में किस तरह का काम चल रहा था, वहां कितने लोग रह रहे थे और निर्माण या मरम्मत के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। जांच में इन लोगों की भूमिका सामने आने के बाद उनके खिलाफ भी कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस इमारत से जुड़े दस्तावेज, बिजली कनेक्शन और अन्य रिकॉर्ड भी खंगाल रही है। बचाव अभियान पूरा होने के बाद शव उनके परिजनों को सौंप दिए गए।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

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