प्रमुख खबर
ताजा खबर
Latest Headlines

यूक्रेन संघर्ष के बावजूद रूस के साथ संबंधों की बुनियाद नहीं बदली: इजरायली राजदूत

इंदौर में आज से संघ का तीन दिवसीय मंथन, राष्ट्रीय सुरक्षा से संगठन विस्तार तक तय होगी भावी रणनीति

इतिहास के पन्नों में 03 नवंबर : 1948 में नेहरू ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में दिया था स्वतंत्र भारत का पहला भाषण

ऑस्ट्रेलिया की वनडे और टी20 टीम में युवा खिलाड़ियों को मौका, महली बियर्डमैन और ओली पीक शामिल

भारत के खिलाफ वनडे सीरीज से मार्क चैपमैन और रचिन रवींद्र बाहर

किमी एंटोनेली के पहले फॉर्मूला-1 विश्व चैंपियन बनने पर स्टेफानो डोमेनिकली ने दी बधाई

छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का चैंपियन बना मैनपाट टाइटंस

कतर के एलएनजी टैंकर पर हमले की सऊदी अरब और जीसीसी ने की निंदा

केंद्रीय मंत्री डॉ मनसुख मांडविया ने किया तीन दिवसीय राज्योत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ

नेपाल : प्रधानमंत्री बालेन्द्र ने धमकीपूर्ण भाषा में किया फेसबुक पोस्ट

विशेष
JUN. 24, 2025

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी : राष्ट्रीय एकता-अखंडता के पर्याय

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के लिए राष्ट्र सर्वोपरि था। इसलिए उन्होंने सत्ता का त्याग करके देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। वह ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान’ के विरुद्ध थे। डॉक्टर मुखर्जी ने स्वतंत्र भारत का पहला राष्ट्रवादी आंदोलन खड़ा किया था। भारत के पुनर्निर्माण के उद्देश्य से डॉक्टर मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना की थी। आज यदि लोग जम्मू-कश्मीर में बिना परमिट के जा सकते हैं और पश्चिम बंगाल भारत का अभिन्न अंग है, तो इसके पीछे डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान है।

495 Days 12 Hr ago
देश
स्तंभ
आर्थिक
वीडियो