प्रमुख खबर
ताजा खबर
Latest Headlines

छत्तीसगढ़ हॉकी लीग से जमीनी स्तर पर मजबूत होगी हॉकी : रक्षा खडसे

स्वामी स्वरूपानंद की नई पुस्तक 'यू आर द स्काई' का लोकार्पण, वेदांत और मनोविज्ञान से भावनाओं को समझने का प्रयास

मार्को रुबियो का जामनगर दौरा: रिलायंस रिफाइनरी से वनतारा तक पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री

ब्रिटेन ने जैकडॉ गैस क्षेत्र में ड्रिलिंग को दी मंजूरी, ट्रंप ने बताया ‘बड़ी खुशखबरी’

चुनाव प्रक्रिया अगर पारदर्शी है तो बैलट पर चुनाव कराने में परेशानी क्यों: राज ठाकरे

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दो दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर, रायपुर और जगदलपुर में कई कार्यक्रमों में लेंगी हिस्सा

सलमान खान पर पलाश सेन ने साधा निशाना

नेतन्याहू की ईरान को चेतावनी, बोले- तेहरान ने अब तक सबक नहीं सीखा

दोहा विश्व चैंपियनशिप के लिए भारतीय निशानेबाजों की तैयारी शुरू, 22 अक्टूबर से दिल्ली में शिविर

‘रेजीम चेंज’ के नाम पर देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहा कांग्रेस-इंडी गठबंधन: संबित पात्रा

विशेष
JUN. 24, 2025

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी : राष्ट्रीय एकता-अखंडता के पर्याय

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के लिए राष्ट्र सर्वोपरि था। इसलिए उन्होंने सत्ता का त्याग करके देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। वह ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान’ के विरुद्ध थे। डॉक्टर मुखर्जी ने स्वतंत्र भारत का पहला राष्ट्रवादी आंदोलन खड़ा किया था। भारत के पुनर्निर्माण के उद्देश्य से डॉक्टर मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना की थी। आज यदि लोग जम्मू-कश्मीर में बिना परमिट के जा सकते हैं और पश्चिम बंगाल भारत का अभिन्न अंग है, तो इसके पीछे डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान है।

484 Days 2 Hr ago
देश
स्तंभ
आर्थिक
वीडियो