प्रमुख खबर
ताजा खबर
Latest Headlines

गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग को लेकर चार धाम की पैदल यात्रा, खड़गपुर पहुंचा मध्य प्रदेश का युवक

प्रधानमंत्री मोदी की 25 वर्ष की सार्वजनिक सेवा यात्रा की सिक्किम मंत्रिमंडल ने की सराहना

क्रिकेटर तिलक वर्मा और कुलदीप यादव महाकाल की भस्म आरती में हुए शामिल

दिल्ली-सांतरागाछी और शालीमार-चेन्नई बीच के बीच चलेंगी स्पेशल ट्रेनें

कांग्रेस सांसद अकोइजाम के खिलाफ आज भाजपा की महिला सांसदों का प्रदर्शन

तीसरे टी-20 में जीत के बाद बोले अभिषेक शर्मा-वेस्टइंडीज को वापसी का मौका नहीं देना चाहते थे

ग्लोबल मार्केट से मिले-जुले संकेत, एशिया में भी मिला-जुला कारोबार

ला लीगा: वेलेंसिया ने रेसिंग सैंटेंडर से खेला ड्रॉ, रियल सोसिएदाद ने डेपोर्टिवो को हराया

मप्र के खंडवा में दो दिवसीय ‘राष्ट्रीय किशोर कुमार अलंकरण समारोह आज से

दिल्ली मेट्रो के 6 स्टेशन आज शाम चार बजे तक सुरक्षा कारणों से रहेंगे बंद

विशेष
JUN. 24, 2025

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी : राष्ट्रीय एकता-अखंडता के पर्याय

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के लिए राष्ट्र सर्वोपरि था। इसलिए उन्होंने सत्ता का त्याग करके देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। वह ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान’ के विरुद्ध थे। डॉक्टर मुखर्जी ने स्वतंत्र भारत का पहला राष्ट्रवादी आंदोलन खड़ा किया था। भारत के पुनर्निर्माण के उद्देश्य से डॉक्टर मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना की थी। आज यदि लोग जम्मू-कश्मीर में बिना परमिट के जा सकते हैं और पश्चिम बंगाल भारत का अभिन्न अंग है, तो इसके पीछे डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान है।

474 Days 14 Hr ago
देश
स्तंभ
आर्थिक
वीडियो