प्रमुख खबर
ताजा खबर
Latest Headlines

भारतीय भाषा समागम ने रखी विकसित भारत की नींव, वैश्विक नॉलेज इकोनॉमी बनेगा भारत

ज्ञान को विचारधाराओं की सीमाओं से मुक्त रखना जरूरी : अमित शाह

सूखे में भी लहलहाई नई विकसित मोठ, 35 दिनों तक बिना बारिश के हुआ बंपर फली विकास

पाकिस्तान टीम की टेस्ट कोचिंग पर माइक हेसन बोले- मौका मिला तो जिम्मेदारी संभालने को तैयार

चीनी राष्ट्रपति के साथ प्रधानमंत्री मोदी की द्विपक्षीय वार्ता के तौर-तरीकों की कांग्रेस ने निंदा की, पूछे चार सवाल

सफाई मित्रों के कल्याण व सुरक्षा के लिए केंद्र का बड़ा कदम, 87 हजार से अधिक को मिली पीपीई किट

रेलवे ने अगस्त में दर्ज की 5.4 प्रतिशत की माल ढुलाई वृद्धि, 14 अमृत भारत ट्रेन सेवाएं हुईं नियमित

जावा सागर में लापता जहाज से बचाए गए 103 यात्रियों में से एक की मौत, 140 यात्री अभी भी गायब

ग्लोबल साउथ के मानवाधिकार संस्थानों के लिए एनएचआरसी का 6 दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम 14 सितंबर से

चिलिमे जलविद्युत परियोजना के भूमिगत पावर हाउस तक पहुंचने में अभी तीन दिन और लगेंगे

विशेष
JUN. 24, 2025

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी : राष्ट्रीय एकता-अखंडता के पर्याय

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के लिए राष्ट्र सर्वोपरि था। इसलिए उन्होंने सत्ता का त्याग करके देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। वह ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान’ के विरुद्ध थे। डॉक्टर मुखर्जी ने स्वतंत्र भारत का पहला राष्ट्रवादी आंदोलन खड़ा किया था। भारत के पुनर्निर्माण के उद्देश्य से डॉक्टर मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना की थी। आज यदि लोग जम्मू-कश्मीर में बिना परमिट के जा सकते हैं और पश्चिम बंगाल भारत का अभिन्न अंग है, तो इसके पीछे डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान है।

445 Days 18 Hr ago
देश
स्तंभ
आर्थिक
वीडियो