प्रमुख खबर
ताजा खबर
Latest Headlines

इतिहास के पन्नों में 01 अगस्त : जब महात्मा गांधी ने शुरू किया असहयोग आंदोलन

ईरान पर सैन्य कार्रवाई सीमित करने का प्रस्ताव अमेरिकी सीनेट में खारिज

हूती हमलों से निपटने के लिए सऊदी बना रहा 'समुद्री गठबंधन', 14 देशों का मिला समर्थन

यूक्रेन के ड्रोन हमलों से रूस के वाइल्डबेरीज के दो और गोदामों में आग

ऐतिहासिक भोजशाला के पास दरगाह की जमीन पर होगी जुमे की नमाज, कलेक्टर ने लिया जायजा

स्वयं से ईमानदार प्रश्न करना ही सच्ची साधना: राम बहादुर राय

गुजरात में बारिश का रेड अलर्ट : अहमदाबाद-सूरत समेत 13 जिलों में खतरा, स्कूल-कॉलेज बंद, अधिकारियों की छुट्टियां रद्द

राष्ट्रपति से मिलीं केन्द्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर, धार में महिला सशक्तिकरण सम्मेलन के लिए किया आमंत्रित

गौमूत्र को लेकर कांग्रेस के बयान पर सुधांशु त्रिवेदी का पलटवार, बोले- अमेरिका में हैं अंतरराष्ट्रीय पेटेंट

विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली की दिशा में बड़ा कदम, संसद ने कठोर कानून वाला विधेयक पारित किया : मोदी

विशेष
JUN. 24, 2025

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी : राष्ट्रीय एकता-अखंडता के पर्याय

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के लिए राष्ट्र सर्वोपरि था। इसलिए उन्होंने सत्ता का त्याग करके देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। वह ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान’ के विरुद्ध थे। डॉक्टर मुखर्जी ने स्वतंत्र भारत का पहला राष्ट्रवादी आंदोलन खड़ा किया था। भारत के पुनर्निर्माण के उद्देश्य से डॉक्टर मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना की थी। आज यदि लोग जम्मू-कश्मीर में बिना परमिट के जा सकते हैं और पश्चिम बंगाल भारत का अभिन्न अंग है, तो इसके पीछे डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान है।

401 Days 8 Hr ago
देश
स्तंभ
आर्थिक
वीडियो