प्रमुख खबर
ताजा खबर
Latest Headlines

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र, पश्चिम बंगाल दिवस और नागरिकता संशोधन कानून के लिए जताया आभार

यूएस ओपन सुपर 300 में भारतीय चुनौती की अगुवाई करेंगे लक्ष्य सेन और तन्वी शर्मा

ब्राह्मणों को उम्मीदवार बनाने से सपा में बढ़ी बेचैनी: मायावती

सीबीआई ने धनबाद में एसबीआई से सवा करोड़ की धोखाधड़ी मामले में दो फरार आरोपियों को किया गिरफ्तार

नेशंस कप जीतने पर कप्तान सलीमा टेटे ने कहा-हम ट्रॉफी जीतने के लक्ष्य के साथ उतरे थे, खुशी है ऐसा कर पाए

(संशोधित) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय को जन्मदिन पर प्रधानमंत्री मोदी, राहुल गांधी और विभिन्न दलों के नेताओं ने दी शुभकामनाएं

फिल्म निर्माण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग जिम्मेदारी पूर्वक किया जाए: जिष्णु देव वर्मा

कांग्रेस ने सरकार पर लगाया ग्रामीण मजदूरी के आकड़ों में छेड़छाड़ का आरोप

डॉ. मांडविया 23 जून को केरलम में खेल और फिटनेस कार्यक्रमों का करेंगे नेतृत्व

ब्रिक्स बैठकमा भाग लिन नयाँ दिल्ली पुगे ईरानका सर्वोच्च राष्ट्रिय सुरक्षा परिषदका उप सचिव नेजामी

विशेष
होम JUN. 24, 2025

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी : राष्ट्रीय एकता-अखंडता के पर्याय

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के लिए राष्ट्र सर्वोपरि था। इसलिए उन्होंने सत्ता का त्याग करके देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। वह ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान’ के विरुद्ध थे। डॉक्टर मुखर्जी ने स्वतंत्र भारत का पहला राष्ट्रवादी आंदोलन खड़ा किया था। भारत के पुनर्निर्माण के उद्देश्य से डॉक्टर मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना की थी। आज यदि लोग जम्मू-कश्मीर में बिना परमिट के जा सकते हैं और पश्चिम बंगाल भारत का अभिन्न अंग है, तो इसके पीछे डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान है।

362 Days 19 Hr ago
देश
स्तंभ
आर्थिक
वीडियो