प्रमुख खबर
ताजा खबर
Latest Headlines

जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर आतंकियों की बड़ी साजिश नाकाम, गोला बारूद का बड़ा जखीरा बरामद

(अपडेट) भारी बारिश में धंसा देहरादून-मसूरी मार्ग, अग्रिम आदेशों तक बंद

उत्तराखंड से 24 मीट्रिक टन फ्रोजन फ्रेंच फ्राइज की पहली खेप भेजी गई

दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान घायल 65 लोग आरएमएल अस्पताल में भर्ती

भारत-बेनिन ने चुनाव प्रबंधन व निर्वाचन कर्मियों के प्रशिक्षण में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई

मप्र के भोपाल में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 पर 21-22 जुलाई को राष्ट्रीय कार्यशाला

पश्चिम एशिया में बढ़ा रहा सैन्य जमावड़ा, ईरान पर दबाव बढ़ाने की तैयारी में अमेरिका

न्यूजीलैंड के नाथन स्मिथ 'जून 2026' के लिए आईससी मेंस प्लेयर ऑफ द मंथ चुने गए

दिव्यांग क्रिकेट में जज्जे यादव के दो शतकों से यूपी बनी चैंपियन

इंडियन ओवरसीज बैंक को पहली तिमाही में 1,659 करोड़ रुपये का मुनाफा

विशेष
JUN. 24, 2025

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी : राष्ट्रीय एकता-अखंडता के पर्याय

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के लिए राष्ट्र सर्वोपरि था। इसलिए उन्होंने सत्ता का त्याग करके देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। वह ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान’ के विरुद्ध थे। डॉक्टर मुखर्जी ने स्वतंत्र भारत का पहला राष्ट्रवादी आंदोलन खड़ा किया था। भारत के पुनर्निर्माण के उद्देश्य से डॉक्टर मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना की थी। आज यदि लोग जम्मू-कश्मीर में बिना परमिट के जा सकते हैं और पश्चिम बंगाल भारत का अभिन्न अंग है, तो इसके पीछे डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान है।

391 Days 0 Hr ago
देश
स्तंभ
आर्थिक
वीडियो