प्रमुख खबर
ताजा खबर
Latest Headlines

सीयूईटी परीक्षा में अव्यवस्था पर राहुल गांधी ने उठाए सवाल

अभिषेक बनर्जी के आवास पर पहुंची सीआईडी टीम, घर पर नहीं मिले तृणमूल सांसद

बोधगया पहुंचे म्यांमार के राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग ने महाबोधि मंदिर में की पूजा-अर्चना

सीयूईटी-यूजी परीक्षा के कुछ केंद्रों पर तकनीकी खामी से हुई देरी : एनटीए

राष्ट्रभक्ति और सैन्य गौरव का प्रतीक बन रहा लखनऊ : राजनाथ

भारतीय महिला हॉकी टीम को ऑस्ट्रेलिया ने 3-2 से हराया, मैत्री श्रृंखला 2-2 से बराबर

मेरठ छावनी परिषद के सदस्य सतीश शर्मा तीन लाख की घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

मप्र के जबलपुर में खुदाई के दौरान जमीन के अंदर दबा मिला जिंदा बम, पुलिस ने सेना के अधिकारियों को सौंपा

मप्र के खंडवा में गोवंश के अवशेष मिलने से तनाव, चार आरोपित हिरासत में

(अपडेट) मप्र के अनूपपुर में ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से घायल दो और लोगों की मौत, मृतकों की संख्या 6 हुई

विशेष
होम JUN. 24, 2025

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी : राष्ट्रीय एकता-अखंडता के पर्याय

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के लिए राष्ट्र सर्वोपरि था। इसलिए उन्होंने सत्ता का त्याग करके देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। वह ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान’ के विरुद्ध थे। डॉक्टर मुखर्जी ने स्वतंत्र भारत का पहला राष्ट्रवादी आंदोलन खड़ा किया था। भारत के पुनर्निर्माण के उद्देश्य से डॉक्टर मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना की थी। आज यदि लोग जम्मू-कश्मीर में बिना परमिट के जा सकते हैं और पश्चिम बंगाल भारत का अभिन्न अंग है, तो इसके पीछे डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान है।

339 Days 18 Hr ago
देश
स्तंभ
आर्थिक
वीडियो