प्रमुख खबर
ताजा खबर
Latest Headlines

इतिहास के पन्नों में 30 अप्रैल : हिटलर के अंत के साथ खत्म हुआ एक क्रूर अध्याय

अरब सागर में अमेरिकी कार्रवाई, ईरान जाने के शक में रोका गया जहाज

ऐतिहासिक भोजशाला मामले में नया तर्क, 1935 में धार दरबार ने बताया था मस्जिद

राजस्थान रॉयल्स का धमाकेदार रनचेज, पंजाब किंग्स की आईपीएल 2026 में पहली हार

6500 करोड़ रुपये की परियोजनाओं से बदलेगा ग्वालियर का स्वरूप : ज्योतिरादित्य सिंधिया

बिहार में 8,065 किमी. राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की गडकरी ने की समीक्षा, गुणवत्ता और कार्य गति बढ़ाने के निर्देश

एमपी टूरिज्म प्रतिष्ठित “लीडिंग टूरिज्म डेस्टीनेशन” पुरस्कार से सम्मानित

सीजफायर के बाद ईरान में हवाई सेवाएं बहाल, छह प्रमुख एयरपोर्ट फिर शुरू

बंगाल चुनाव : दूसरे चरण में संवेदनशील इलाकों की निगरानी करेगी एनआईए

भारतमाला प्रोजेक्ट में मुआवजा घोटालाः छत्तीसगढ़ में ईडी की छापेमारी में नकदी, चांदी एवं महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त

विशेष
होम JUN. 24, 2025

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी : राष्ट्रीय एकता-अखंडता के पर्याय

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के लिए राष्ट्र सर्वोपरि था। इसलिए उन्होंने सत्ता का त्याग करके देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। वह ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान’ के विरुद्ध थे। डॉक्टर मुखर्जी ने स्वतंत्र भारत का पहला राष्ट्रवादी आंदोलन खड़ा किया था। भारत के पुनर्निर्माण के उद्देश्य से डॉक्टर मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना की थी। आज यदि लोग जम्मू-कश्मीर में बिना परमिट के जा सकते हैं और पश्चिम बंगाल भारत का अभिन्न अंग है, तो इसके पीछे डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान है।

308 Days 8 Hr ago
देश
स्तंभ
आर्थिक
वीडियो