प्रमुख खबर
ताजा खबर
Latest Headlines

इराकी शिया गठबंधन ने नूरी अल-मलिकी को प्रधानमंत्री पद के लिए किया नामित

अंडर-19 विश्व कप: भारत ने न्यूजीलैंड को 7 विकेट से हराया, जीत का सिलसिला रखा बरकरार

78वीं देहरादून जिला क्रिकेट लीग के लिए आमंत्रण जारी, अंडर-19 खिलाड़ियों को मिलेगा बड़ा मंच

कबड्डी चैंपियंस लीग में डेब्यू को तैयार रोहतक रॉयल्स, डबल-हेडर के दूसरे मुकाबले में करनाल किंग्स से होगी टक्कर

यूक्रेन युद्ध पर पहली त्रिपक्षीय वार्ता: अबू धाबी में यूक्रेन-रूस-अमेरिका की बातचीत ‘रचनात्मक’

संघ का लक्ष्य भारत को वैभव के शिखर पर पहुंचाना : दत्तात्रेय होसबाले

देश के धर्मगुरु आपसी मतभेद छोड़ बंग्लादेश के हिन्दुओं की रक्षा करने का करें काम : अधोक्षजानंद देवतीर्थ

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर में हमले की कोशिश, कल्पवासी थाने में दी गई तहरीर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री डॉ. मांडविया 27 को भोपाल में करेंगे खेलो एमपी यूथ गेम्स का शुभारंभ

सियालदह–बनारस अमृत भारत एक्सप्रेस का परिचालन शुरू, रेल कनेक्टिविटी में नया अध्याय

विशेष
होम JUN. 24, 2025

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी : राष्ट्रीय एकता-अखंडता के पर्याय

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के लिए राष्ट्र सर्वोपरि था। इसलिए उन्होंने सत्ता का त्याग करके देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। वह ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान’ के विरुद्ध थे। डॉक्टर मुखर्जी ने स्वतंत्र भारत का पहला राष्ट्रवादी आंदोलन खड़ा किया था। भारत के पुनर्निर्माण के उद्देश्य से डॉक्टर मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना की थी। आज यदि लोग जम्मू-कश्मीर में बिना परमिट के जा सकते हैं और पश्चिम बंगाल भारत का अभिन्न अंग है, तो इसके पीछे डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान है।

214 Days 4 Hr ago
देश
विचार
स्तंभ
आर्थिक
वीडियो