प्रमुख खबर
ताजा खबर
Latest Headlines

मप्रः दतिया उपचुनाव में हार के बाद भाजपा की बड़ी कार्रवाई, जिला-मंडल से बूथ तक की कार्यकारिणी भंग

ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह और संस्कृति मंत्रियों की बैठक 5 से 8 अगस्त तक भोपाल में

किशोर कुमार केवल गायक नहीं, सम्पूर्ण कला संस्थान थे : राज्य मंत्री लोधी

ग्वालियर टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन से देश की डिजिटल और औद्योगिक प्रगति को मिलेगी नई गति: मोहन यादव

लाल सागर में भारतीय जहाज पर हमले की भारत ने की कड़ी निंदा

ग्वाटेमाला के फुएगो ज्वालामुखी की सक्रियता बढ़ी, एहतियातन लोगों को हटाया गया

डीपीएल 2026: मोनू शुक्ला की तूफानी पारी, सुपर ओवर में वॉरियर्स ने टाइगर्स को हराया

गढ़चिरौली में माओवादियों के हथियारों का जखीरा ज़ब्त

ग्वालियर टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन के लिए मुम्बई में प्राप्त हुए 1550 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव

भारत के दूरसंचार क्षेत्र और डिजिटलाइजेशन में आई क्रांति : ज्योतिरादित्य सिंधिया

विशेष
JUN. 24, 2025

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी : राष्ट्रीय एकता-अखंडता के पर्याय

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के लिए राष्ट्र सर्वोपरि था। इसलिए उन्होंने सत्ता का त्याग करके देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। वह ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान’ के विरुद्ध थे। डॉक्टर मुखर्जी ने स्वतंत्र भारत का पहला राष्ट्रवादी आंदोलन खड़ा किया था। भारत के पुनर्निर्माण के उद्देश्य से डॉक्टर मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना की थी। आज यदि लोग जम्मू-कश्मीर में बिना परमिट के जा सकते हैं और पश्चिम बंगाल भारत का अभिन्न अंग है, तो इसके पीछे डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान है।

406 Days 3 Hr ago
देश
स्तंभ
आर्थिक
वीडियो