प्रमुख खबर
ताजा खबर
Latest Headlines

भारत-वेस्टइंडीज टी-20 मैच के लिए इंदौर पहुंची दोनों टीमें, खिलाड़ियों की एक झलक पाने के लिए उमड़े फैंस

बुसान फिल्म फेस्टिवल में 'सेल्वी' का शानदार वर्ल्ड प्रीमियर

मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड की सराहनीय पहल, जरूरतमंद और अनाथ बच्चों की भरेगा स्कूल फीस

केंद्रीय मंत्री का विपक्ष पर कटाक्ष- व्यवस्था को बाधित करने की राजनीति देशहित में नहीं

एसीसी ने संयुक्त सचिव और समकक्ष स्तर के 27 अधिकारियों की नियुक्ति को दी मंजूरी

(अपडेट) बदलते युद्ध के दौर में सिर्फ हथियार नहीं, तकनीक और आत्मनिर्भरता भी जरूरी: राजनाथ सिंह

देश संसद से चलेगा, सड़क से नहीं: रविशंकर प्रसाद

वॉलीबॉल चैंपियंस लीग में दर्शकों की एंट्री पूरी तरह फ्री, बिना टिकट स्टेडियम में देख सकेंगे मैच

रीवा में टाटा न्यूक्लियर पावर प्लांट का काम रुका, सरपंच के नाम पर जारी कथित फर्जी एनओसी की जांच की मांग हुई तेज

भारतीय ओलंपिक संघ के चुनाव 05 दिसंबर को, पीटी उषा ने इसे सुशासन की दिशा में बताया अहम कदम

विशेष
JUN. 24, 2025

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी : राष्ट्रीय एकता-अखंडता के पर्याय

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के लिए राष्ट्र सर्वोपरि था। इसलिए उन्होंने सत्ता का त्याग करके देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। वह ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान’ के विरुद्ध थे। डॉक्टर मुखर्जी ने स्वतंत्र भारत का पहला राष्ट्रवादी आंदोलन खड़ा किया था। भारत के पुनर्निर्माण के उद्देश्य से डॉक्टर मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना की थी। आज यदि लोग जम्मू-कश्मीर में बिना परमिट के जा सकते हैं और पश्चिम बंगाल भारत का अभिन्न अंग है, तो इसके पीछे डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान है।

472 Days 22 Hr ago
देश
स्तंभ
आर्थिक
वीडियो