प्रमुख खबर
ताजा खबर
Latest Headlines

राजा भोज और रानी कमलापति के सम्मान में डाक टिकट भारत के सांस्कृतिक गौरव का प्रतीकः सिंधिया

लेबनान के समर्थन में ईरान, अराघची ने संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर दोहराया रुख

वासद-रनोली रेलखंड पर मेगा ब्लॉक, कई ट्रेनें रद्द और प्रभावित

फीफा के आश्वासन के बाद ईरान की विश्व कप भागीदारी को मिली राहत

अंगदान की अलख जगाने वाले नीलेश मंडलेवाला पद्मश्री से सम्मानित

राष्ट्रपति ने मप्र की दो विभूपियों को पद्मश्री सम्मान से किया अलंकृत, मुख्यमंत्री ने दी बधाई

मप्र के एथलेटिक्स खिलाड़ियों का राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन, देव मीणा ने जीता स्वर्ण

बांग्लादेश में खसरा संकट गहराया, 24 घंटे में 17 बच्चों की मौत, मृतकों की संख्या 545 पहुंची

समुद्री क्षेत्र में सुधार, डिजिटल गवर्नेंस और शिकायत निवारण पर जोर, सोनोवाल ने ‘मैरीटाइम रिफॉर्म उत्सव’ की घोषणा की

भूटान के प्रधानमंत्री से असम के राज्यपाल और मुख्यमंत्री की मुलाकात

विशेष
होम JUN. 24, 2025

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी : राष्ट्रीय एकता-अखंडता के पर्याय

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के लिए राष्ट्र सर्वोपरि था। इसलिए उन्होंने सत्ता का त्याग करके देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। वह ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान’ के विरुद्ध थे। डॉक्टर मुखर्जी ने स्वतंत्र भारत का पहला राष्ट्रवादी आंदोलन खड़ा किया था। भारत के पुनर्निर्माण के उद्देश्य से डॉक्टर मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना की थी। आज यदि लोग जम्मू-कश्मीर में बिना परमिट के जा सकते हैं और पश्चिम बंगाल भारत का अभिन्न अंग है, तो इसके पीछे डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान है।

335 Days 3 Hr ago
देश
स्तंभ
आर्थिक
वीडियो