प्रमुख खबर
ताजा खबर
Latest Headlines

पुलिस ने मनोज जरांगे की दूसरी अर्जी भी ठुकराई, अकेले मुंबई कूच की घोषणा, समर्थकों से गांवों में रहने की अपील

एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन 27 अक्टूबर से, मोहाली और जालंधर करेगा मेजबानी

मप्र: खजराना गणेश का 7 करोड़ के स्वर्ण आभूषणों से श्रृंगार, चिंतामन में उल्टा स्वास्तिक की परंपरा

डूटा के पूर्व अध्यक्ष आदित्य नारायण मिश्रा कई शिक्षाविदों के साथ कांग्रेस में शामिल

आचार्य पुलकसागर से मिले मोहन भागवत

मप्र में फर्जी पासपोर्ट का बड़ा खेल, एक फोन पर क्लियर होते थे आवेदन, 12 अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध

बिहार में यूसीसी लागू नहीं होने देंगे,हमारे नेता शुरु से इसके विरोध में हैं : श्याम रजक

रूस के नए डैन-टी ड्रोन के सैकड़ों युद्धक परीक्षण, प्रभावी होने का दावा

आपदा में माता-पिता खोने वाले बच्चों के लिए नेपाल सरकार ने बनाई विशेष योजना

तेल की बढ़ती कीमतों से अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना

विशेष
JUN. 24, 2025

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी : राष्ट्रीय एकता-अखंडता के पर्याय

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के लिए राष्ट्र सर्वोपरि था। इसलिए उन्होंने सत्ता का त्याग करके देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। वह ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान’ के विरुद्ध थे। डॉक्टर मुखर्जी ने स्वतंत्र भारत का पहला राष्ट्रवादी आंदोलन खड़ा किया था। भारत के पुनर्निर्माण के उद्देश्य से डॉक्टर मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना की थी। आज यदि लोग जम्मू-कश्मीर में बिना परमिट के जा सकते हैं और पश्चिम बंगाल भारत का अभिन्न अंग है, तो इसके पीछे डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान है।

446 Days 20 Hr ago
देश
स्तंभ
आर्थिक
वीडियो