प्रमुख खबर
ताजा खबर
Latest Headlines

भारत-जापान ने तैयार किया आर्थिक सुरक्षा रोडमैप, रणनीतिक क्षेत्रों में आपूर्ति श्रृंखला की जाएगी मजबूत

कोच्चि में ‘सीफूड एक्सपो भारत’ के दौरान राष्ट्रीय कौशल ओलंपियाड के दूसरे संस्करण का समापन

प्रधानमंत्री ने बेंगलुरु में खदान हादसे पर शोक जताया

अदन की खाड़ी में भारतीय नौसेना को देख समुद्री डकैत भाग निकले, चालक सुरक्षित

केंद्र ने कर्मचारी भविष्य निधि योजना-2026 अधिसूचित की, 29 जून से हुई प्रभावी

खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने खरगे की जगह सलमान खुर्शीद जाएंगे ईरान

डब्ल्यूबीबीएल 2026 का आगाज 29 अक्टूबर से, जंक्शन ओवल में पहले दिन होगा डबल-हेडर मुकाबला

ओम बिरला बंगाल के विधायकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुक्रवार को करेंगे उद्घाटन

नाजी सहयोगियों काे सम्मान देने पर पोलैंड, इजराइल और रूस ने की यूक्रेन की आलाेचना

दुबई में लॉटरी ने बदली 'सुनीलकु.एस' की किस्मत, जीता 68 करोड़ रुपये का जैकपॉट

विशेष
JUN. 24, 2025

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी : राष्ट्रीय एकता-अखंडता के पर्याय

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के लिए राष्ट्र सर्वोपरि था। इसलिए उन्होंने सत्ता का त्याग करके देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। वह ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान’ के विरुद्ध थे। डॉक्टर मुखर्जी ने स्वतंत्र भारत का पहला राष्ट्रवादी आंदोलन खड़ा किया था। भारत के पुनर्निर्माण के उद्देश्य से डॉक्टर मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना की थी। आज यदि लोग जम्मू-कश्मीर में बिना परमिट के जा सकते हैं और पश्चिम बंगाल भारत का अभिन्न अंग है, तो इसके पीछे डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान है।

372 Days 19 Hr ago
देश
स्तंभ
आर्थिक
वीडियो