प्रमुख खबर
ताजा खबर
Latest Headlines

दिल्ली प्रीमियर लीग सीजन-3 की नीलामी संपन्न, तेजस्वी दहिया बने सबसे महंगे खिलाड़ी

मप्र के डीजीपी मकवाणा से यूएन विमेन इंडिया की कंट्री रिप्रेजेंटिव शोको इशिकावा ने मुलाकात की

स्वच्छ एवं हरित विद्यालय की राष्ट्रीय रेटिंग में मप्र के 10 विद्यालयों का चयन

मेलोनी का ट्रंप को जवाब- न कभी झुकी थी, न अपमान सहूंगी

डीआरआई ने 34 करोड़ रुपये मूल्य का 24 किग्रा सोना किया जब्त, 7 लोग गिरफ्तार

इजराइल का ऐलान- लेबनान, सीरिया और गाजा से फिलहाल नहीं हटेगी सेना

मप्र के मुख्यमंत्री की किसानों के हित में बड़ी घोषणा, बोले- धान की फसल पर भी देंगे भावांतर योजना का लाभ

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के पीडिया में 21 साल बाद गूंजी स्कूल की घंटी, 539 बच्चों के जीवन में लौटी शिक्षा की नई उम्मीद

भारत में आयरलैंड ने यूरोपीय संघ परिषद की अध्यक्षता का किया शुभारंभ

“नैतिकता के बिना आर्थिक विकास कभी भी समाज की सच्ची सेवा नहीं कर सकता”: उपराष्ट्रपति

विशेष
JUN. 24, 2025

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी : राष्ट्रीय एकता-अखंडता के पर्याय

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के लिए राष्ट्र सर्वोपरि था। इसलिए उन्होंने सत्ता का त्याग करके देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। वह ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान’ के विरुद्ध थे। डॉक्टर मुखर्जी ने स्वतंत्र भारत का पहला राष्ट्रवादी आंदोलन खड़ा किया था। भारत के पुनर्निर्माण के उद्देश्य से डॉक्टर मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना की थी। आज यदि लोग जम्मू-कश्मीर में बिना परमिट के जा सकते हैं और पश्चिम बंगाल भारत का अभिन्न अंग है, तो इसके पीछे डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान है।

372 Days 3 Hr ago
देश
स्तंभ
आर्थिक
वीडियो