प्रमुख खबर
ताजा खबर
Latest Headlines

प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी में मध्य प्रदेश देश में अव्वल, मिला राष्ट्रीय पुरस्कार

एयर इंडिया एक्सप्रेस सर्दियों में रोजाना 585 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित करेगी

(लीड) आजादी के बाद पहली बार डिब्रूगढ़ से बांग्लादेश के लिए रवाना हुआ अंतरराष्ट्रीय मालवाहक जहाज

कैंची धाम पहुंची ‘हनुमान अंश’ की टीम, बाबा नीम करौली के किए दर्शन

2027 में देशभर में लाइव परफॉर्म करेंगे अरिजीत सिंह, 'इंडिया टूर' का ऐलान

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और अभिनेत्री सुरेखा वाणी पर आपत्तिजनक पोस्ट मामले में एक्स हैंडल के खिलाफ केस

ਜੰਤਰ-ਮੰਤਰ 'ਤੇ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਦੌਰਾਨ ਸੀ.ਆਈ.ਐੱਸ.ਐੱਫ. ਜਵਾਨ 'ਤੇ ਹਮਲੇ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਦਿੱਲੀ ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤੀ ਕਾਰਵਾਈ

ਦੁਬਈ ਸਥਿਤ ਗੈਂਗਸਟਰ ਰਾਸ਼ਿਦ ਕੇਵਲਵਾਲਾ ਦੇ ਦੋ ਸ਼ੂਟਰ ਦਿੱਲੀ ਵਿੱਚ ਗ੍ਰਿਫ਼ਤਾਰ

तिरुमाला में 11 अक्टूबर से शुरू होगा नवरात्रि ब्रह्मोत्सव, 16 को गरुड़ सेवा

मोदी ने स्विस राष्ट्रपति को भेंट की भारतीय चीज की तीन विशेष किस्में, कश्मीरी अखरोट पैनल भी दिया

विशेष
JUN. 24, 2025

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी : राष्ट्रीय एकता-अखंडता के पर्याय

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के लिए राष्ट्र सर्वोपरि था। इसलिए उन्होंने सत्ता का त्याग करके देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। वह ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान’ के विरुद्ध थे। डॉक्टर मुखर्जी ने स्वतंत्र भारत का पहला राष्ट्रवादी आंदोलन खड़ा किया था। भारत के पुनर्निर्माण के उद्देश्य से डॉक्टर मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना की थी। आज यदि लोग जम्मू-कश्मीर में बिना परमिट के जा सकते हैं और पश्चिम बंगाल भारत का अभिन्न अंग है, तो इसके पीछे डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान है।

467 Days 23 Hr ago
देश
स्तंभ
आर्थिक
वीडियो