प्रमुख खबर
ताजा खबर
Latest Headlines

भारत की नीति पड़ोसी देशों के सांस्कृतिक क्षेत्र पर समावेशिता को बढ़ावा देना है : डॉ जोशी

इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने किया खारिज, पीड़िता की मां ने ली राहत की सांस

भारत की आध्यात्मिक विरासत सिर्फ आस्था नहीं, यह हमारे सांस्कृतिक और सामाजिक विकास की जीवंत नींव हैः सीपी राधाकृष्णन

'भारत रंग महोत्सव' के तहत सात महाद्वीपों में कई नाटकों की प्रस्तुति

गोयल ने फिनलैंड के पीएम और स्विस कन्फेडरेशन के अध्यक्ष से मिलकर व्यापार संबंधों को आगे बढ़ाने पर चर्चा की

समाज के रक्त में लोकतंत्र है, उसे दबाने की कोशिश करने वाला मिट्टी में मिल जाएगाः भैयाजी जोशी

इमरजेंसी की कल्पना करते ही शरीर में सिहरन पैदा हो जाती है : कैलाश सोनी

दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून सुक योल को आजीवन कारावास

सरकार अनुसूचित जनजातियों के अधिकारों की रक्षा और उनके समग्र विकास के लिए प्रतिबद्धः जुअल ओराम

भाजपा सरकार के खिलाफ 20 सूत्री ‘चार्जशीट’ जारी : प्रियंका गांधी

विशेष
होम JUN. 24, 2025

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी : राष्ट्रीय एकता-अखंडता के पर्याय

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के लिए राष्ट्र सर्वोपरि था। इसलिए उन्होंने सत्ता का त्याग करके देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। वह ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान’ के विरुद्ध थे। डॉक्टर मुखर्जी ने स्वतंत्र भारत का पहला राष्ट्रवादी आंदोलन खड़ा किया था। भारत के पुनर्निर्माण के उद्देश्य से डॉक्टर मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना की थी। आज यदि लोग जम्मू-कश्मीर में बिना परमिट के जा सकते हैं और पश्चिम बंगाल भारत का अभिन्न अंग है, तो इसके पीछे डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान है।

240 Days 0 Hr ago
देश
विचार
स्तंभ
आर्थिक
वीडियो