प्रमुख खबर
ताजा खबर
Latest Headlines

अंतरराष्ट्रीय वुशु खिलाड़ी सूरज यादव ने बढ़ाया काशी का मान, एससीओ वुशु चैंपियनशिप में जीता कांस्य पदक

मप्र की स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा उत्पादन क्षेत्र बड़ी उपलब्धि, नीमच और शाजापुर सोलर पार्क का हुआ लोकार्पण

भारत और सऊदी अरब के बीच जल संसाधन सहयोग पर समझौता

केंद्रीय मंत्री शिवराज ने राष्ट्रीय सम्मेलन में की छत्तीसगढ़ के मटेरियल बैंक मॉडल की सराहना

भूकंप प्रभावित वेनेजुएला को अमेरिका की बड़ी सहायता, 30 करोड़ डॉलर मदद का ऐलान

भारतीय फिल्म उद्योग को मिलेगा बड़ा बढ़ावा, केंद्र सरकार के दो बड़े फैसले

संत कबीर का संदेश आज भी समाज और राष्ट्र के लिए पथप्रदर्शक : थावरचंद गहलोत

पश्चिम बंगाल में यूसीसी लागू करने की तैयारी तेज, सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई करेंगी मसौदा समिति की अगुवाई

परिवार का मुखिया कभी खाली हाथ नहीं आता, 280 करोड़ की सौगात लेकर आया हूं : ज्योतिरादित्य सिंधिया

पश्चिम बंगाल विधानसभा में नया सख्त कानून पारित, 12 महीने तक बिना मुकदमा निवारक हिरासत का प्रावधान

विशेष
होम JUN. 24, 2025

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी : राष्ट्रीय एकता-अखंडता के पर्याय

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के लिए राष्ट्र सर्वोपरि था। इसलिए उन्होंने सत्ता का त्याग करके देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। वह ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान’ के विरुद्ध थे। डॉक्टर मुखर्जी ने स्वतंत्र भारत का पहला राष्ट्रवादी आंदोलन खड़ा किया था। भारत के पुनर्निर्माण के उद्देश्य से डॉक्टर मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना की थी। आज यदि लोग जम्मू-कश्मीर में बिना परमिट के जा सकते हैं और पश्चिम बंगाल भारत का अभिन्न अंग है, तो इसके पीछे डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान है।

370 Days 2 Hr ago
देश
स्तंभ
आर्थिक
वीडियो