प्रमुख खबर
ताजा खबर
Latest Headlines

तेल संकट से निपटने के लिए बड़ा कदम: 32 देश बाजार में उतारेंगे 40 करोड़ बैरल कच्चा तेल

आंगन से आसमान तक महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण: विजया रहाटकर

तमिलनाडु में बंधक बनाए गए मप्र के 24 श्रमिकों का प्रशासन ने कराया सफल रेस्क्यू

अयोध्या में आयोजित राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता में पीतलनगरी का दबदबा, मुरादाबाद मडंल तीसरे स्थान पर

नवनीत कौर की हैट्रिक से भारत की दमदार जीत, वेल्स को 4–1 से हरा सेमीफाइनल में पहुंची टीम

ट्रम्प बोले: ईरान के साथ जंग ‘बेहतरीन’ तरीके से चल रही, जल्द खत्म होने की उम्मीद

इंडियन फुटबॉल लीग की नई उड़ान, स्टार सीमेंट बना टाइटल स्पॉन्सर

दिल्ली में ईंधन की कोई किल्लत नहीं, सरकार ने अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की

प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल

नई दिल्ली वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री 2026: पहले दिन भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा, कई स्वर्ण पदक जीते

विशेष
होम JUN. 24, 2025

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी : राष्ट्रीय एकता-अखंडता के पर्याय

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के लिए राष्ट्र सर्वोपरि था। इसलिए उन्होंने सत्ता का त्याग करके देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। वह ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान’ के विरुद्ध थे। डॉक्टर मुखर्जी ने स्वतंत्र भारत का पहला राष्ट्रवादी आंदोलन खड़ा किया था। भारत के पुनर्निर्माण के उद्देश्य से डॉक्टर मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना की थी। आज यदि लोग जम्मू-कश्मीर में बिना परमिट के जा सकते हैं और पश्चिम बंगाल भारत का अभिन्न अंग है, तो इसके पीछे डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान है।

260 Days 3 Hr ago
देश
विचार
स्तंभ
आर्थिक
वीडियो