प्रमुख खबर
ताजा खबर
Latest Headlines

आरसीबी ने तोड़ा दिल्ली का दिल, जीता डब्ल्यूपीएल 2026 का खिताब

विनाशकारी सोच छोड़ें, मानवतावाद और राष्ट्रवाद का मार्ग चुनें : इंद्रेश कुमार

जो बस्तर कभी आकांक्षी जिला माना जाता था, आज वह पूरे देश में “बस्तर ओलंपिक” के नाम से जाना जा रहा : प्रधानमंत्री

छत्तीसगढ़ ने देश में सर्वाधिक पांच लाख प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण पूर्ण किया

भारत-अमेरिका ट्रेड डील में कृषि और डेयरी पर कोई समझौता नहीं, किसान हित पूरी तरह सुरक्षित: शिवराज सिंह

(लीड) भारत प्रतिस्पर्धा को तैयार, दुनिया के देश व्यापारिक संबंध बनाने को आतुर : प्रधानमंत्री

राज्य सभा में उठा लापता बच्चों का मुद्दा, संदीप पाठक ने कहा- दिल्ली से हर दिन गायब हो रहे हैं 17 बच्चे

फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी के आवास पर फायरिंग मामले का पांचवां आरोपित गिरफ्तार

आतिशी वीडियो और एफआईआर मामले में पंजाब के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) को 12 फरवरी तक जवाब देने का निर्देश

नेपाल में प्रतिनिधि सभा के चुनाव की तारीख करीब आने के साथ ही कमजोर पड़ा पुनर्स्थापना का मुद्दा

विशेष
होम JUN. 24, 2025

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी : राष्ट्रीय एकता-अखंडता के पर्याय

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के लिए राष्ट्र सर्वोपरि था। इसलिए उन्होंने सत्ता का त्याग करके देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। वह ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान’ के विरुद्ध थे। डॉक्टर मुखर्जी ने स्वतंत्र भारत का पहला राष्ट्रवादी आंदोलन खड़ा किया था। भारत के पुनर्निर्माण के उद्देश्य से डॉक्टर मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना की थी। आज यदि लोग जम्मू-कश्मीर में बिना परमिट के जा सकते हैं और पश्चिम बंगाल भारत का अभिन्न अंग है, तो इसके पीछे डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान है।

226 Days 3 Hr ago
देश
विचार
स्तंभ
आर्थिक
वीडियो