प्रमुख खबर
ताजा खबर
Latest Headlines

मप्र बना निवेश एवं निर्यात का नया केंद्र, लैटिन अमेरिकी देशों में बढ़ रही ‘मेड इन एमपी’ उत्पादों की मांग: मोहन यादव

झारखंड को हमने बनाया, हम ही संवारेंगे : नितिन नवीन

विश्व योगासन चैंपियनशिप 2026: भारत का दबदबा कायम, 22 स्वर्ण पदकों के साथ शीर्ष पर बरकरार

एआईबीए ने राहुल गांधी के न्यायपालिका की छवि धूमिल करने के प्रयास की निंदा की

चुनौतियों का संघ के साथ मिलकर मुकाबला करें देशवासी : स्वांत रंजन

नीट-यूजी 2026 पुनर्परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक और बिक्री के दावे फर्जी, अफवाहों से सावधान रहें : एनटीए

भद्रवाह में डॉ. जितेंद्र सिंह ने चौथे लैवेंडर महोत्सव का किया उद्घाटन

भारत-नेपाल संबंधों में निर्णायक बदलाव के अवसर मौजूद, सहयोग और समन्वय जरूरी: जयशंकर

भाजपा का कार्यकर्ता संगठन की सबसे बड़ी शक्ति : राजनाथ सिंह

पार्टी छोड़ने की अटकलों के बीच कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अमित शाह से की मुलाकात

विशेष
होम JUN. 24, 2025

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी : राष्ट्रीय एकता-अखंडता के पर्याय

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के लिए राष्ट्र सर्वोपरि था। इसलिए उन्होंने सत्ता का त्याग करके देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। वह ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान’ के विरुद्ध थे। डॉक्टर मुखर्जी ने स्वतंत्र भारत का पहला राष्ट्रवादी आंदोलन खड़ा किया था। भारत के पुनर्निर्माण के उद्देश्य से डॉक्टर मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना की थी। आज यदि लोग जम्मू-कश्मीर में बिना परमिट के जा सकते हैं और पश्चिम बंगाल भारत का अभिन्न अंग है, तो इसके पीछे डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान है।

347 Days 2 Hr ago
देश
स्तंभ
आर्थिक
वीडियो