प्रमुख खबर
ताजा खबर
Latest Headlines

चीन ने नेपाल के प्रमुख नाका रसुवागढ़ी और तातोपानी सीमा को अनिश्चितकाल के लिए किए बंद किया

अमेरिका के आर्मी सेक्रेटरी डैन ड्रिस्कॉल ने राष्ट्रपति ट्रंप को सौंपा इस्तीफा

यूएस ओपन 2026: स्टेन वावरिंका का ग्रैंड स्लैम करियर हार के साथ खत्म

यूएस ओपन 2026: कार्लोस अल्कराज ने दूसरे दौर में बनाई जगह, साफिलिन को सीधे सेटों में हराया

उत्तराखंड में मदरसों पर शिकंजा, मान्यता नहीं तो बंद होगा संस्थान, धामी बोले- नियमों से समझौता नहीं

न्यायाधीश संजय के. अग्रवाल राजस्थान उच्च न्यायालय के नए सीजे

नेपाल के नुवाकोट में बाढ़ के मलबे से दबे घर से 23 शव बरामद, तीर्थयात्रियों के होने की आशंका

ईरान पर हमले का खतरा बढ़ा, मंडराने लगे अमेरिकी ड्रोन

इतिहास के पन्नों में 02 सितम्बर : जब बुला चौधरी ने रचा तैराकी का इतिहास

नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक अदा योनाथ का 87 वर्ष की उम्र में निधन

विशेष
JUN. 24, 2025

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी : राष्ट्रीय एकता-अखंडता के पर्याय

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के लिए राष्ट्र सर्वोपरि था। इसलिए उन्होंने सत्ता का त्याग करके देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। वह ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान’ के विरुद्ध थे। डॉक्टर मुखर्जी ने स्वतंत्र भारत का पहला राष्ट्रवादी आंदोलन खड़ा किया था। भारत के पुनर्निर्माण के उद्देश्य से डॉक्टर मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना की थी। आज यदि लोग जम्मू-कश्मीर में बिना परमिट के जा सकते हैं और पश्चिम बंगाल भारत का अभिन्न अंग है, तो इसके पीछे डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान है।

433 Days 13 Hr ago
देश
स्तंभ
आर्थिक
वीडियो